उत्तर प्रदेश के बागपत की शादी में एक दूल्हे का किराए पर आने का मामला सामने आया है। जिससे पूरे शादी में ही हड़कंप मच गया।दरअसल, यह मामला उत्तर प्रदेश के बागपत जिले से सामने आता है, यहां शादी के मंडप में एक किराए का दूल्हा पकड़ा गया।जानकारी के अनुसार बागपत के इंद्रदेव इंस्टीट्यूट में सामूहिक विवाह का आयोजन किया जा रहा था, जहां 265 जोड़ों की शादी की प्रक्रिया शुरू थी। लेकिन फेरों के दौरान सामने आया को एक दूल्हा फर्जी निकला, जिससे पूरे समारोह में खलबली मच गई।इस शादी समारोह में कुल 300 दूल्हा-दुल्हन के आवेदन आए थे। इनमें से 265 जोड़ों का चयन किया गया और उनकी शादी की रस्में बैंडबाजे और शहनाई के साथ शुरू हुईं। समारोह में पंडितों ने शादी के मंत्र पढ़ने शुरू किए थे, तभी एक दूल्हा पकड़ में आ गया।शादी के दौरान कुछ सवाल-जवाब हुए, तो अधिकारियों को एक दूल्हे पर शक हुआ। उन्होंने उसके आधार कार्ड को चेक किया और पता चला कि कार्ड फर्जी निकली। जिसके बाद अधिकारियों ने बिना किसी हंगामे के उस व्यक्ति को शादी के मंडप से बाहर निकाल दिया। आरोपी ने स्वीकार किया कि वह किराए पर दूल्हा बनकर आया था और उसे इसके बदले पैसे दिए गए थे।जिला प्रोबेशन अधिकारी तुलिका शर्मा ने बताया कि जिस व्यक्ति ने सामूहिक विवाह के लिए आवेदन किया था, वह खुद शादी के लिए नहीं पहुंचा। इसके बजाय उसका स्थान एक अन्य व्यक्ति ने लिया, जो किराए पर दूल्हे के रूप में मंडप में पहुंचा। आरोपी ने बताया कि उसे 2000 रुपये में किराए पर दूल्हे का काम दिया गया था।अधिकारियों ने फर्जी दूल्हे को तुंरत शादी के मंडप से बाहर कर दिया और इस मामले की जांच की जा रही है। यह घटना शादी के माहौल में एक अजीब स्थिति उत्पन्न कर गई, और इसने सामूहिक विवाह जैसे आयोजनों में पारदर्शिता की आवश्यकता को भी उजागर किया। यह घटना इस बात का संकेत है कि समाज में ऐसी कुछ काले कारोबार की गतिविधियां बढ़ रही हैं, जहां लोग पैसे के लिए शादी के मंडप तक पहुंचने के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं।