अभी अभी
उत्तराखंड | नैनीतालहरिद्धारसोमेश्वररूद्रप्रयागरामनगरभतरोजखानबेरीनागबेतालघाटबागेश्वरपौड़ी गढ़वालपिथौरागढ़हरिद्वारहल्द्धानीदेहरादूनअल्मोड़ाताड़ीखेतचम्पावतऊधम सिंह नगरउत्तरकाशी
जॉब अलर्ट
देश | हिमांचल प्रदेश
दुनिया
Advertisement

10 मिनट तक चले संघर्ष के बाद, श्योपुर में चीते के जबड़े से बेटे को जिंदा बचा लाई मां

03:25 PM Mar 21, 2025 IST | uttranews desk
featuredImage featuredImage
Advertisement

मां के लिए उसके बच्चों से बढ़कर कुछ भी नहीं होता अगर बच्चों पर कोई भी संकट आए तो मां सबसे पहले आगे आकर खड़ी हो जाती है। ऐसे में मां बच्चों के लिए अपने प्राण तक देने को तैयार हो जाती है। ऐसा ही एक मामला श्योपुर में विजयपुर के पास उमरीकला गांव का है।

Advertisement

यहां पर घर में खेल रहे बच्चे पर चीते ने हमला कर दिया। चीता बच्चें को जबड़े में दबाकर ले गया जब मां ने अपने बच्चें को देखा तो वह सब छोड़कर अपनी संतान को बचाने के लिए चीते के पीछे दौड़ गई।

Advertisement

चीते और मां के बीच 10 मिनट तक संघर्ष चलता रहा और आखिर में उसने अपने बच्चें की जान बचा ली। बेटा अब सुरक्षित है और डॉक्टरों ने उसके शरीर पर 120 टांके लगाए हैं।

Advertisement

उमरीकला गांव में 9 साल का अविनाश उर्फ निर्मल धाकड़ शाम 6:30 बजे अपने घर की बाउंड्री के पास खेल रहा था और उसकी मां मवेशियों को चारा डाल रही थी। इस दौरान चीता आया और उसने वहां खेल रहे बच्चे पर हमला कर दिया।

Advertisement

चीते ने बच्चों की गर्दन और चेहरे पर अपना जबड़ा दबा लिया तभी बच्चा चिल्लाया और मां की नजर बच्चे पर गई।

मां दौड़ती हुई गई और चीते के जबड़े में हाथ डाल दिया। एक तरफ चीता बच्चे को खींचने में लगा था तो दूसरी ओर मां अपने बच्चे को किसी भी कीमत पर बचाने की कोशिश में जुटी थी। आखिरकार अपनी जान पर खेलकर मां ने अपने बच्चों को बचा लिया। लेकिन चीता बच्चें का शिकार करना चाहता था।

बच्चें की मां का नाम सुरक्षा है। बच्चें की मां और चीते के बीच संघर्ष चलता रहा। मां ने अपने घायल बेटे और अपने दूसरे बेटे को छुपा दिया। चीता बार-बार बाउंड्री पार करके बच्चों का शिकार करने के लिए आता रहा 10 मिनट तक यही चलता रहा लेकिन आखिरकार बच्चा बच गया।

वन विभाग का कहना है कि यह चीता नहीं बल्कि तेंदुए ने हमला किया है। जबकि घर वालों का कहना है कि कूनो नेशनल पार्क में चीते आने के बाद करीब 10 से 15 बार चीता उनके गांव के आसपास देखा गए हैं और वह अच्छी तरह पहचानते हैं, क्योंकि उसकी आंखों के आसपास काली धारियां थी।

हमले में बुरी तरह से घायल हुए मासूम निर्मल को गंभीर हालत में ग्वालियर सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसे 120 टांके आए हैं और उसकी हालत खतरे से बाहर बताई गई है।

Advertisement
Tags :
Shocking newsviral
Advertisement