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हल्द्वानी काठगोदाम: बैली ब्रिज से 70 नट-बोल्ट चोरी, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

10:41 AM Mar 21, 2025 IST | उत्तरा न्यूज टीम
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हल्द्वानी काठगोदाम में बैली ब्रिज से 70 नट-बोल्ट चोरी होने की घटना ने प्रशासन और पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोनिवि के एनएच डिवीजन के अधिकारियों ने जब यह मामला आयुक्त दीपक रावत के सामने रखा, तो हर कोई हैरान रह गया। पुल से नट-बोल्ट गायब होने की खबर न केवल चौकाने वाली है, बल्कि यह सुरक्षा के लिहाज से भी एक बड़ी चूक मानी जा रही है। चौंकाने वाली बात यह है कि जिस पुल से नट-बोल्ट चोरी हुए हैं, वह काठगोदाम चौकी से महज सौ मीटर की दूरी पर स्थित है और दोनों ओर सीसीटीवी कैमरे भी लगे हुए हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर इतनी निगरानी के बावजूद कोई इतनी बड़ी संख्या में नट-बोल्ट खोलकर कैसे ले गया?

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यह बैली ब्रिज वर्ष 2022 में कलसिया नाले पर पुराने ब्रिटिशकालीन पुल के समानांतर बनाया गया था। पुराने पुल पर बढ़ते ट्रैफिक के दबाव को देखते हुए इस नए पुल का निर्माण किया गया, ताकि यातायात सुचारू रूप से चल सके। खासतौर पर जब से कैंची धाम चर्चित हुआ है, तब से हल्द्वानी-काठगोदाम से लेकर रानीबाग तक यातायात का दबाव कई गुना बढ़ गया है। भारी और हल्के वाहनों की लगातार आवाजाही से पुल पर असर पड़ रहा था, जिसके चलते इसके नट-बोल्ट ढीले होते जा रहे थे और विभाग समय-समय पर इसकी मरम्मत करवा रहा था।

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हाल ही में जब पुल की जांच की गई तो कई नट-बोल्ट गायब मिले, जिससे सुरक्षा की दृष्टि से तुरंत मरम्मत का काम शुरू किया गया। हालांकि, अधिकारियों के लिए यह समझ पाना मुश्किल हो रहा है कि इतनी व्यस्त सड़क पर, जहां दिन-रात वाहन गुजरते हैं, वहां से इतनी बड़ी संख्या में नट-बोल्ट कैसे चोरी हो गए। गौरतलब है कि चोरी हुए नट-बोल्ट छोटे नहीं बल्कि काफी बड़े और भारी थे। प्रत्येक नट या बोल्ट का वजन लगभग डेढ़ सौ ग्राम से अधिक था, जिससे यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि यह कोई आम चोरी नहीं थी, बल्कि इसके पीछे कोई बड़ा गिरोह हो सकता है।

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इस घटना ने सुरक्षा एजेंसियों को भी सकते में डाल दिया है। पुल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि पता लगाया जा सके कि आखिर यह चोरी कैसे और किसने की। पुलिस भी इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच में जुट गई है। स्थानीय लोगों में भी इस घटना को लेकर चिंता बढ़ गई है, क्योंकि यह केवल एक चोरी का मामला नहीं, बल्कि यातायात और पुल की संरचनात्मक सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय है। अब देखना होगा कि पुलिस और प्रशासन इस गुत्थी को कैसे सुलझाते हैं और इस चोरी के पीछे कौन लोग शामिल हैं।

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