अभी अभी
उत्तराखंड | नैनीतालहरिद्धारसोमेश्वररूद्रप्रयागरामनगरभतरोजखानबेरीनागबेतालघाटबागेश्वरपौड़ी गढ़वालपिथौरागढ़हरिद्वारहल्द्धानीदेहरादूनअल्मोड़ाताड़ीखेतचम्पावतऊधम सिंह नगरउत्तरकाशी
जॉब अलर्ट
देश | हिमांचल प्रदेश
दुनिया
Advertisement

सौरभ राजपूत हत्याकांड: मुस्कान-साहिल का नया सच जान पुलिस दंग, सौरभ के पैसों से करते थे नशा और सट्टेबाजी, अब जेल में तड़प रहे दोनों

11:40 AM Mar 27, 2025 IST | उत्तरा न्यूज टीम
Advertisement
Advertisement

मेरठ में सौरभ राजपूत हत्याकांड के आरोपियों मुस्कान और साहिल को लेकर चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। पुलिस की जांच में पता चला है कि दोनों आरोपी नशे के आदी हैं और जेल में उनके लिए यह सबसे बड़ी परेशानी बन गई है। चौधरी चरण सिंह जेल की नशा उन्मूलन केंद्र की टीम के अनुसार, साहिल सूखा नशा करता था और शराब पीता था, जबकि मुस्कान शराब के साथ-साथ इंजेक्शन से नशा लेती थी। जेल में उन्हें जब ये चीजें नहीं मिलीं तो उनकी हालत बिगड़ने लगी और वे बेचैनी महसूस करने लगे।

Advertisement

जेल प्रशासन ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें नशा उन्मूलन केंद्र में भर्ती कराया, जहां अब उनका इलाज चल रहा है। दोनों ने दबी आवाज में नशे की मांग भी की थी, लेकिन अब दवाओं की मदद से उनकी हालत में सुधार हो रहा है। जेल अधीक्षक वीरेश राज शर्मा ने बताया कि शुरुआत में दोनों बेचैन थे, लेकिन अब वे खाना खाने लगे हैं और खुद को दूसरी चीजों में व्यस्त करने की कोशिश कर रहे हैं।

Advertisement

इस हत्याकांड से जुड़े आर्थिक पहलू की जांच में भी अहम जानकारी सामने आई है। सौरभ लंदन में रहता था और हर महीने मुस्कान को एक लाख रुपये भेजता था। हत्या से कुछ दिन पहले भी उसने एक लाख रुपये मुस्कान के खाते में ट्रांसफर किए थे। वहीं, साहिल को लेकर यह खुलासा हुआ है कि वह चार्टर्ड अकाउंटेंसी (CA) की पढ़ाई कर रहा था और उसके घरवाले उसकी आर्थिक जरूरतों को पूरा करते थे। हालांकि, उसे अधिक पैसों की जरूरत थी, जिसके लिए वह सट्टेबाजी का सहारा लेता था।

Advertisement

सौरभ और मुस्कान के परिजनों का दावा है कि मुस्कान, सौरभ द्वारा भेजे गए पैसे साहिल के जरिए सट्टेबाजी में लगाती थी और जीते हुए पैसों से दोनों ऐश करते थे। पुलिस अब इस पूरे मामले की जांच कर रही है और अगर यह आरोप सही साबित हुए तो मुस्कान और साहिल के खिलाफ जुआ अधिनियम के तहत भी मामला दर्ज किया जा सकता है। फिलहाल, पुलिस की प्राथमिकता उनके स्वास्थ्य को स्थिर करना है ताकि जल्द से जल्द उनके बयान दर्ज किए जा सकें और मामले में आगे की कार्रवाई की जा सके।

Advertisement
Advertisement