प्रयागराज, 29 जनवरी– महाकुंभ के दौरान मौनी अमावस्या स्नान के समय हुई भगदड़ में 30 श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि 60 से अधिक लोग घायल हो गए। इस दुखद घटना के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने कई कड़े कदम उठाए हैं, ताकि आगे इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
महाकुंभ में सुरक्षा के लिए 5 बड़े बदलाव
- नो-व्हीकल ज़ोन: महाकुंभ नगर को पूरी तरह नो-व्हीकल ज़ोन घोषित कर दिया गया है। किसी भी प्रकार के वाहनों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है।
- VVIP पास रद्द: मेला क्षेत्र के लिए जारी सभी VVIP पास रद्द कर दिए गए हैं, अब कोई विशेष वाहन अनुमति लेकर भी प्रवेश नहीं कर सकेगा।
- वन-वे ट्रैफिक सिस्टम: श्रद्धालुओं की आवाजाही को व्यवस्थित करने के लिए एकतरफा यातायात प्रणाली लागू की गई है।
- सीमा पर वाहन रोकने के निर्देश: शहर में भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पड़ोसी जिलों से आने वाले वाहनों को जिले की सीमा पर ही रोका जा रहा है।
- 4 फरवरी तक 4-व्हीलर पर प्रतिबंध: व्यवस्था बनाए रखने के लिए 4 फरवरी तक शहर में चार पहिया वाहनों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है।
अतिरिक्त प्रशासनिक कदम
-दो वरिष्ठ IAS अधिकारियों की तैनाती: भीड़ प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए AS आशीष गोयल और भानु गोस्वामी को तत्काल प्रयागराज भेजा गया है।
- अतिरिक्त बसें चलाई जाएंगी:परिवहन निगम को अतिरिक्त बसें संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके।
- मुख्यमंत्री की सख्त हिदायत: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रेल और परिवहन विभाग को निर्देश दिए हैं कि किसी भी स्थान पर अधिक भीड़ इकट्ठा न हो और सड़कें बाधित न हों।
भगदड़ की जांच होगी, मृतकों के परिजनों को मिलेगा मुआवज
- भगदड़ के कारणों की जांच के लिए तीन सदस्यीय न्यायिक आयोग गठित किया गया है।
- मृतकों के परिजनों को ₹25-25 लाख की सहायता राशि देने की घोषणा की गई है।
- मुख्यमंत्री ने सभी विभागों को निर्देश दिए हैं कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए ठोस रणनीति बनाई जाए।